Friday, 18 January 2019

VISHNU MANTRA

विष्णु मंत्र

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम् ।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्

VISHNU AARTI

विष्णु आरती



ॐ जय जगदीश हरे,
स्वामी जय जगदीश हरे |
भक्त जनों के संकट,
दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे |
ॐ जय जगदीश हरे ||

जो ध्यावे फल पावे,
दुःख बिनसे मन का,
स्वामी दुःख बिनसे मन का |
सुख सम्पति घर आवे,
सुख सम्पति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का |
ॐ जय जगदीश हरे ||

मात पिता तुम मेरे,
शरण गहूँ मैं किसकी,
स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी |
तुम बिन और न दूजा,
तुम बिन और न दूजा,
आस करूं मैं जिसकी |
ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम पूरण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी,
स्वामी तुम अन्तर्यामी |
पारब्रह्म परमेश्वर,
पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सब के स्वामी |
ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम करुणा के सागर,
तुम पालनकर्ता,
स्वामी तुम पालनकर्ता |
मैं मूरख फलकामी
मैं सेवक तुम स्वामी
,
कृपा करो भर्ता |
ॐ जय जगदीश हरे ||

तुम हो एक अगोचर,
सबके प्राणपति,
स्वामी सबके प्राणपति |
किस विधि मिलूं दयामय,
किस विधि मिलूं दयामय,
तुमको मैं कुमति |
ॐ जय जगदीश हरे ||


दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,
ठाकुर तुम मेरे,
स्वामी रक्षक तुम मेरे |
अपने हाथ उठाओ,
अपने शरण लगाओ
द्वार पड़ा तेरे 
|
ॐ जय जगदीश हरे ||


विषय-विकार मिटाओ,
पाप हरो देवा,
स्वामी पाप हरो देवा |
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
सन्तन की सेवा |
ॐ जय जगदीश हरे ||


Thursday, 17 January 2019

SHIV PANCHAKSHAR STOTRAM

शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्माँगरागाय महेश्वराय
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय
तस्मै नकाराय नमः शिवाय



मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय
नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय
मंदार पुष्प बहुपुष्पसु पूजिताय
तस्मै मकाराय नमः शिवाय




शिवाय गौरी वदनाब्ज वृंद
सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय
श्रीनीलकंठाय वृषभध्वजाय
तस्मै शिकाराय नमः शिवाय


वशिष्ठ कुंभोद्भव गौतमार्य
मुनीन्द्र देवार्चित शेखराय
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय
तस्मै वकाराय नमः शिवाय




यज्ञ स्वरूपाय जटाधराय
पिनाक हस्ताय सनातनाय
दिव्याय देवाय दिगंबराय
तस्मै यकाराय नमः शिवाय